UPTET : यूपीटेट 2020 का प्रस्ताव शासन में लंबित, परीक्षा टलने के आसार, दो बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी शासन ने अब तक नहीं लिया निर्णय - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

Breaking

Thursday, 14 January 2021

UPTET : यूपीटेट 2020 का प्रस्ताव शासन में लंबित, परीक्षा टलने के आसार, दो बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी शासन ने अब तक नहीं लिया निर्णय

UPTET : यूपीटेट 2020 का प्रस्ताव शासन में लंबित, परीक्षा टलने के आसार, दो बार प्रस्ताव भेजने के बाद भी शासन ने अब तक नहीं लिया निर्णय। 


प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2020 जल्द हो पाने के आसार नहीं हैं। वजह, संशोधित प्रस्ताव में समय सारिणी फिर पार हो गई है। शासन ने इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया है, अब तीसरा प्रस्ताव मांगे जाने पर ही कार्यक्रम जारी हो सकता है। इसी बीच प्रदेश में पंचायत चुनाव व यूपी बोर्ड की परीक्षाएं होनी है ऐसे में परीक्षा लंबे समय के लिए टल सकती है। ज्ञात हो कि सरकार परीक्षा कराने की अनुमति दे चुकी है।



प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक चयन के लिए यूपीटीईटी का होना जरूरी है। नए साल में शिक्षक भर्ती आने की उम्मीद शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनुमति देने से ही जगी थी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने दिसंबर 2020 में ही प्रस्ताव भेजा। उसमें 28 दिसंबर से 28 जनवरी तक आनलाइन आवेदन व 28 फरवरी को परीक्षा कराने की तैयारी थी लेकिन, प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी और पहली समय सारिणी बीत गई, तब एनआइसी, शासन व परीक्षा संस्था की बैठक हुई। इसमें आवेदन जनवरी के मध्य में शुरू होने पर सहमति बनी। परीक्षा संस्था से संशोधित प्रस्ताव मांगा गया। परीक्षा संस्था ने 30 दिसंबर को ही भेज दिया था। उसमें आनलाइन आवेदन 12 जनवरी से और परीक्षा सात मार्च को कराने का प्रस्ताव था।


शासन में मंथन के बीच दूसरे प्रस्ताव की समय सारिणी बीत गई है, अब परीक्षा संस्था से फिर प्रस्ताव लेने के बाद ही कार्यक्रम निर्गत होने के आसार हैं। इसी बीच प्रदेश में पंचायत चुनाव व यूपी बोर्ड परीक्षाएं होनी है इससे यह परीक्षा लटकने की उम्मीद है। हालांकि पिछले सप्ताह प्रयागराज आए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने कहा था कि प्रस्ताव शासन में लंबित है, जल्द निर्णय होगा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि अब शासन के निर्देश का इंतजार है, जो निर्देश होगा अमल किया जाएगा।