कोरोना काल में बेसिक शिक्षा का अस्त्र बन गई ‘दीक्षा' Diksha App - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

Breaking

Wednesday, 13 January 2021

कोरोना काल में बेसिक शिक्षा का अस्त्र बन गई ‘दीक्षा' Diksha App


 
कोरोना काल में बेसिक शिक्षा का अस्त्र बन गई ‘दीक्षा


कोरोना काल में जब बच्चों की स्कूलों में आमद पर सख्त पाबंदी है, ऐसे दौर में बच्चों की शिक्षा के लिए दीक्षा बड़ा अस्त्र बनकर उभरी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अब इस ऐप के जरिए बेसिक शिक्षा को आनलाइन प्लेटफार्म पर लगभग लांच ही कर दिया है। पिछले कई महीनों से इस मोबाइल ऐप को शिक्षकों के अलावा अभिभावकों के स्मार्टफोन में डाउनलोड कराने पर जोर दिया जा रहा है ताकि बच्चों की इसकी डिजिटल सामग्री का लाभ मिल सके।





दीक्षा ऐप का दायरा पिछले कई माह में बढ़ गया है। यह मोबाइल ऐप अपनी लाचिंग के साथ ही बेसिक शिक्षा का अनिवार्य अंग बन गया था। सभी कक्षाओं की किताबों में दिए गए क्यूआर कोड के जरिए पाठ्यक्रम से सम्बन्धित आडियो व विजुअल सामग्री बच्चों को दिखाई व सुनाई जाती थी। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। कोरोना के प्रकोप के चलते जब स्कूल बंद हो गए तो स्कूली शिक्षा महानिदेशक व अन्य उच्च अधिकारियों ने बच्चों की पढ़ाई घर पर सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की आनलाइन क्लास के अलावा दीक्षा ऐप का प्रयोग करने का फैसला किया। तय किया गया कि अभिभावकों के स्मार्टफोन पर भी इसे डाउनलोड कराया जाए जिससे बच्चों को घर बैठे सभी विषयों की पाठ्य सामग्री मिल सके।


दीक्षा के माध्यम से आनलाइन प्रशिक्षण

इन दिनों विभाग बेसिक शिक्षकों की आनलाइन ट्रेनिंग दीक्षा ऐप के माध्यम से करा रहा है। बच्चों की भाषा, कैलेण्डर से गणित व उपचारात्मक शिक्षण और निष्ठा जैसे ट्रेनिंग प्रोग्राम दीक्षा ऐप के जरिए ही कराए जा रहे हैं। 20 जुलाई से शिक्षकों की ट्रेनिंग का कार्यक्रम तय किया गया था जो अब तक जारी है। इससे विभाग के साथ ही शिक्षकों को भी सहूलियत होगी व कोरोना का खतरा कम होगा।

विविंग टाइम पर रहती है नजर

विभाग दीक्षा ऐप के डाउनलोड एवं विविंग टाइम(देखा जाने वाला समय) के आंकड़ों की लगातार समीक्षा करता है। विभाग ने प्रत्येक शिक्षक व स्मार्टफोन धारक अभिभावक के मोबाइल फोन में दीक्षा ऐप डाउनलोड सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक विषय के हर पाठ में मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर दीक्षा ऐप का लिंक खुल जाता है। वहां उस पाठ से सम्बन्धित विषय सामग्री मौजूद रहती है। पुस्तक वितरण के बाद बच्चों के लिए इस दौर में पढ़ना आसान होगा। हालांकि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क, स्मार्टफोन की उपलब्धता जैसी व्यवहारिक समस्याएं भी हैं।