परिषदीय विद्यालयों के अनुभवी शिक्षक फिर बनेंगे 'छात्र', 15 जनवरी से शुरू होगी ट्रेनिंग - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Wednesday, 13 January 2021

परिषदीय विद्यालयों के अनुभवी शिक्षक फिर बनेंगे 'छात्र', 15 जनवरी से शुरू होगी ट्रेनिंग

बेसिक शिक्षा परिषषद के स्कूलों में नए सत्र से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी तेजी हो गई है। 
पाठ्यक्रम और उसके अनुसार किताबें लागू करने से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि उन्हें पढ़ाने में और बच्चों को समझने में कोई दिक्कत न हो। उनमें भी सबसे पहले कक्षा एक के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। 
 

खास बात यह है कि शासन की गाइडलाइन के मुताबिक कक्षा एक में पढ़ाने के लिए विद्यालय के सबसे अनुभवी और योग्य शिक्षक को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह ट्रेनिंग 15 जनवरी से 15 मार्च तक चलेगी। 

25-25 के ग्रुप में प्रशिक्षण
शिक्षकों का प्रशिक्षण ब्लाक स्तर पर होगा। उन्हें मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित करेंगे। वाराणसी स्थित राज्य हिन्दी संस्थान हिन्दी की किताब ‘रिमझिम’ पढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार कर रहा है। 
ब्लाक स्तर पर फेस टू फेस मोड में 25-25 शिक्षक प्रशिक्षित होंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षण माड्यूल और एनसीईआरटी की पुस्तकों का एक सेट दिया जाएगा।
 उनसे माड्यूल और पाठ्यपुस्तकों में दी गई गतिविधियों और अभ्यास कार्यों का अभ्यास कराया जाएगा। 

ये करेंगे निगरानी
ट्रेनिंग की निगरानी की जिम्मेदारी डायट प्राचार्य, बीएसए, बीईओ और डायट प्राचार्य की ओर से नामित संकाय के सदस्य करेंगे। प्रशिक्षण की वीडियो रिकार्डिंग भी होगी।

 जिस ब्लाक पर प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं होगी, वहां के शिक्षकों की ट्रेनिंग डायट पर होगी। विभिन्न सत्रों में चलने वाली ट्रेनिंग में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। 
प्रशिक्षण स्थल पर लैपटॉप, मानीटर प्रोजेक्टर आदि की व्यवस्था की जाएगी।

प्रशिक्षण का अलग माड्यूल
राज्य हिन्दी संस्थान की निदेशक ऋचा जोशी ने बताया कि प्रदेश भर से चयनित शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में आनलाइन प्रशिक्षण दे रहा है। इसमें एमएस टीम एप के अलावा संस्थान के और बाह्य विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। 

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए अलग माड्यूल तैयार हुआ है। किताब के आवरण पृष्ठ से लेकर सभी पाठों, चित्रों, अभ्यासों के बारे में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम के पाठ क्यों लिखे गए, उनका उद्देश्य क्या है, इसकी भी जानकारी दी जा रही है।