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Wednesday, 11 November 2020

बेसिक शिक्षा: डॉ. रहबर की जनसूचना से शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां हुई प्राप्त, सभी शिक्षक जरूर पढ़ें


झांसी: शिक्षकों के हित के कार्य करने वाले डॉक्टर रहबर सुल्तान द्वारा अनेक शिक्षक हितेषी सूचनाएं , जन सूचना के माध्यम से प्राप्त की जाती रही है। उन्हीं में से कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और जनकारियां डॉक्टर रहबर ने बताई है।

  • प्रत्येक परिषद के अध्यापक को वर्ष में एक उपार्जित अवकाश दिए हैं।
  • एक कैलेंडर वर्ष में 14 आकस्मिक अवकाश देय है, साथ ही अति विशेष परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी इससे अधिकांश अवकाश स्वीकृत कर सकता है। एक बार में अधिकतम 10 आकस्मिक अवकाश लिए जा सकते हैं।
  • संपूर्ण सेवाकाल में 5 वर्ष का अवैतनिक अवकाश नियमानुसार लिये जा सकते हैं।
  • महिलाओं को गर्भपात अवकाश नियमानुसार देय है।
  • संपूर्ण सेवाकाल में 1 वर्ष का चिकित्सीय अवकाश नियमों के तहत देय है।
  • एक बार में 180 दिन की मैटरनिटी लीव देय है।
  • संपूर्ण सेवाकाल में 2 वर्षों का बाल्य देखभाल अवकाश नियम अनुसार देय है।
  • महिलाओं का दत्तक ग्रहण अवकाश नियमों के तहत मिलता है।
  • बिना स्वीकृति के CCL पर नहीं जाया जा सकता अर्थात यह अवकाश अधिकार स्वरूप नहीं मिलता।
  • गर्मियों की छुट्टी के समय कार्य करने में एवज में एक निश्चित फार्मूले के तहत उपार्जित अवकाश देय हैं।
  • विदेश यात्रा हेतु सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की अनुमति जरूरी है।
  • मध्यान्ह भोजन योजना में विकल्प के रूप में नियमानुसार विद्यालय प्रबंध समिति को शामिल किया जा सकता है।
  • एमडीएम के तहत मिलने वाली परिवर्तन लागत का 60% हिस्सा केंद्र द्वारा एवं 40% राज्य द्वारा वाहन किया जाता है।
  • शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत परिषदीय अध्यापकों से बीएलओ ड्यूटी नहीं कराई जा सकती है।
  • 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए अर्थात कक्षा 1 से 8 तक के प्रवेश हेतु टीसी की अनिवार्यता नहीं है।
  • शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों के नाम खारिज नहीं किए जा सकते हैं।
  • वर्ष 2012 की आदेशानुसार सभी वरिष्ठ अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि वह अध्यापक का सम्मान करें।
  • शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मानक के अनुसार प्राथमिक स्तर 30 बच्चों पर एक अध्यापक तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 35 बच्चों पर कम से कम एक अध्यापक होना चाहिए।
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर न्यूनतम 3 अध्यापक आवश्यक हो। जिनमें एक विज्ञान और गणित, एक सामाजिक अध्ययन एवं एक भाषा का शिक्षक हो।
  • प्राथमिक स्तर पर 150 बच्चों की ऊपर पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर 100 बच्चों के ऊपर एक पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक होना चाहिए।
  • राज्य सूचना आयोग ने की कोविड-19 संक्रमण के कारण व्हाट्सएप वीडियो कॉल द्वारा सुनवाई की सुविधा
  • कोरोना संक्रमण के कारण राज्य सूचना आयोग द्वारा एक अच्छी पहल की शुरुआत की गई है। विभिन्न देशों की सुनवाई हेतु अब व्हाट्सएप वीडियो कॉल के द्वारा होगी।