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Monday, 5 October 2020

किचन गार्डन पर उठने लगे सवाल, शिक्षकों को निर्धारित सब्जियों का सौंपा गया दायित्व


रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन तैयार करने का फरमान क्या जारी हुआ, तरह तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि कई स्कूलों ने फरमान जारी होते ही क्यारियां बनाकर पौधे लगाने भी शुरू कर दिए हैं। चिह्नित किए गए विद्यालयों में 17 संविलियन, 288 प्राथमिक एवं 95 उच्च प्राथमिक शामिल हैं।


बीएसए ने पहली अक्तूबर को परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने का फरमान जारी किया है। जिसमें प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों को अलग-अलग सब्जियां उगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक महीने के भीतर पौधे तैयार करने को कहा गया है, क्योंकि बेहतर किचन गार्डेन बनाने वालों का आकलन कर उन्हें ब्लॉक एवं जिला स्तर पर सम्मानित करने की बात भी कही गई है। किचन गार्डेन के लिए 400 विद्यालय चुने गए हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि कई विद्यालयों में पर्याप्त जगह नहीं है। इस बाबत जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी बताते हैं कि पर्याप्त जगह और चारदीवारी वाले स्कूलों की सूची बीईओ के माध्यम से मंगाई गई थी।

आदेश अव्यवहारिक, निरस्त करने की मांग बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने किचन गार्डन बनाने के संबंध में जारी किए गए आदेश को अव्यवहारिक बताया है। प्रदेश संयोजक/जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शर्मा और जिला महामंत्री फूलचंद्र यादव ने रविवार को यह आदेश निरस्त करने की मांग को लेकर डीएम को ई-मेल से पत्र भेजा है कहा है कि परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों को किचन गार्डन में क्यारी बनाकर सब्जियां उगाने का आदेश दिया गया है, जो अव्यवहारिक है। किचन गार्डन की सूची में ज्यादातर ऐसे स्कूल हैं, जहां पर्याप्त जगह नहीं है। जो भी थोड़ी बहुत जगह है, जहां बच्चों की प्रार्थना सभा, खेलकूद समेत अन्य गतिविधियां होती हैं यह आदेश मिशन प्रेरणा में बाधक सिद्ध होगा। ऐसे आदेश से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक अपने मूल उद्देश्य से भटकेंगे।


किचन गार्डन बनाना सरकार की योजना है, जिस पर अमल किया जाना है। इसके लिए 400 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। जिन विद्यालयों में पर्याप्त जगह और चारदीवारी है, वहां किचन गार्डन तैयार करने को कहा गया है। यह काम सबको मिलकर पूरा करना है। अगर कोई दिक्कत आ रही है तो उसका समाधान किया जाएगा।-आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए।