मीरजापुर:- सेल्फ केयर टीम बनेगी पेंशनविहीन परिषदीय शिक्षकों का सहारा - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Tuesday, 6 October 2020

मीरजापुर:- सेल्फ केयर टीम बनेगी पेंशनविहीन परिषदीय शिक्षकों का सहारा


मीरजापुर : पुरानी पेंशन और सामूहिक जीवन बीमा से वंचित परिषदीय शिक्षकों ने अनूठी पहल करते हुए जनपद में खुद सेल्फ केयर टीम का गठन किया है। टीम का उददेश्य किसी भी शिक्षक की असमय मृत्यु होने पर उसके बेसहारा परिवार को आर्थिक मदद प्रदान की जा सके। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जमालपुर ब्लाक मंत्री शशि प्रकाश पांडेय, आलोक मिश्रा और कोन ब्लाक के वीरेंद्र यादव की पहल को शिक्षकों ने तहे दिल से स्वीकार किया है। वर्तमान समय में लगभग 285 शिक्षकों को इस टीम का हिस्सा बनाया जा चुका है और कारवां धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है।



वर्तमान में कोरोना काल में सभी के साथ शिक्षक भी डरा हुआ है। खुद के लिए नही अपने परिवार के लिए क्योंकि नई पेंशन योजना के तहत शिक्षक को न तो बीमा है न ही पेंशन है और न ही कैशलेस इलाज है। ऐसे में अगर शिक्षक को कुछ होता है तो उसका परिवार पूरी तरह टूट जाता है। आए दिन शिक्षकों के मार्ग दुर्घटना, कोरोना आदि से मरने की खबर मिलती रहती है और ऐसी घटना के बाद उस शिक्षक के परिवार का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए शिक्षकों ने खुद कमर कसनी शुरू कर दी है। इसमें शिक्षक के परिवार का सहारा बनने के लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम का निर्माण किया गया। जिसमें शिक्षक जुड़ कर अपने परिवार के साथ साथ शिक्षक को सुरक्षित कर सकता है। हांलाकि इस ग्रुप से केवल परिषदीय शिक्षक ही जुड़ सकते हैं। इस ग्रुप में जुड़ने के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं है। किसी शिक्षक के साथ कुछ होने पर ही सहयोग लिया जाता है वो भी सीधे प्रभावित शिक्षक के खाते में देना होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। इसमें शिक्षक को कुछ होने पर अगर वो चाहें तो उनके डिपेंडेंट के 75 फीसद के साथ 25 फीसद उनके माता पिता को भी देने की व्यवस्था।

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टीचर सेल्फ केयर टीम की शुरूआत विवेकानंद आर्य ने किया है। उनके निर्देशन में नए शिक्षकों से गूगल फार्म भरवाया जाता है, जिसमें शिक्षक व नामिनी का एकाउंट सहित पूरा विवरण दर्ज होता है। शिक्षक की मृत्यु होने पर टीचर सेल्फ केयर टीम के पदाधिकारी प्रकरण की जांच करते है। इसके बाद टीम से जुड़े सभी शिक्षक नामिनी के खाते में 100 रुपया सीधे जमा करते है।

- शशि प्रकाश पांडेय, जिला संयोजक।

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सामूहिक जीवन बीमा को समाप्त कर दिया गया है, जिसके कारण शिक्षकों के साथ अप्रिय घटना होने पर परिवार का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इस पहल से शिक्षकों को काफी सुविधा मिलेगी।

- आलोक तिवारी, संयुक्त मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ।

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पेंशनविहीन नए शिक्षकों के हित में स्वयं के प्रयास से अनूठी पहल शुरू की गई है। इसमें अधिक से अधिक नए शिक्षक शामिल होकर लाभ उठाए।

- अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ।