राज्य में स्कूल-कॉलेज खोलने का निर्णय 10 अक्तूबर के बाद : उपमुख्यमंत्री - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Saturday, 3 October 2020

राज्य में स्कूल-कॉलेज खोलने का निर्णय 10 अक्तूबर के बाद : उपमुख्यमंत्री

प्रदेश में कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित हाई स्कूलों, इंटर कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को खोलने का निर्णय 10 अक्तूबर के बाद किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि 10 अक्तूबर को कोरोना संक्रमण और शिक्षण संस्थानों की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि 10 अक्तूबर को समीक्षा के बाद स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर खोलने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा की जाएगी। उसके बाद ही इन्हें खोलने के संबंध में कोई फैसला किया जाएगा।


दीपावली के बाद खुलेंगे परिषदीय स्कूल
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि परिषदीय स्कूलों को दीपावली के बाद ही खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं के छोटे बच्चों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना, सैनिटाइजेशन कराना और मास्क पहनना अनिवार्य करना मुश्किल है। इसे देखते हुए पहले हाई स्कूल और इंटर कॉलेज खुलने पर उनकी व्यवस्थाओं और असर का आकलन किया जाएगा। उसके बाद ही परिषदीय स्कूलों को खोलने के संबंध में विचार किया जाएगा।

15 के बाद खोले जा सकते हैं कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूल व कोचिंग सेंटर
सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से जारी अनलॉक-5 की गाइडलाइन के तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर स्कूल और कोचिंग संस्थान 15 अक्तूबर के बाद खोले जा सकेंगे। जिला प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण की स्थिति का आकलन और शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन से बातचीत के बाद ही इन्हें खोलने का निर्णय किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था जारी रहेगी। जिन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, वहां यदि विद्यार्थी व्यक्तिगत रूप से कक्षाओं में उपस्थित होने के बजाय ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होना चाहेंगे तो उन्हें अनुमति दी जाएगी। शिक्षण संस्थान माता-पिता या अभिभावक की सहमति के बिना विद्यार्थियों की उपस्थिति को अनिवार्य नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयों व उच्च शिक्षा संस्थानों को खोलने के समय का निर्धारण केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की सहमति एवं वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए किया जाएगा।