फतेहपुर : कस्तूरबा विद्यालय के एक चौथाई बालिकाएं ही कर पा रहीं पढ़ाई - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Monday, 7 September 2020

फतेहपुर : कस्तूरबा विद्यालय के एक चौथाई बालिकाएं ही कर पा रहीं पढ़ाई


फतेहपुर : कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की शिक्षा अनवरत जारी रखने के लिए तमाम तरह की कवायदे तो की जा रही हैं लेकिन इनकी जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। खासकर बेसिक विभाग द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं से आनलाइन पढ़ाई पहुंच से दूर दिख रही है। इसका कारण है कि गरीब छात्राओं के अभिभावकों के पास न ही स्मार्ट मोबाइल हैं और न ही उन्हें रीचार्ज कराने की व्यवस्था। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीते मार्च माह से पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है।


कोरोना काल में स्कूलों की बंदी के बाद सरकार की ओर से ऑनलाइन क्लॉसेज को बढ़ावा देने की मुहिम में कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं पिछड़ गईं हैं। सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खोलकर गांवों की गरीब बच्चियों को शिक्षित कर रही है। लेकिन बीते मार्च से कोरोना संक्रमण शुरू हो जाने के बाद से इन विद्यालयों के बच्चे घर भेज दिए गए। अब इन विद्यालयों पर स्टाफ तो है, बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। लेकिन आनलाइन कक्षाएं छात्राओं तक बिना संसाधन के नहीं पहुंच पा रही हैं। कहने को तो स्टाफ इन बच्चियों को भी शिक्षित करने की सरकारी मुहिम में जुटा हुआ है। लेकिन अभिभावकों के पास एंड्रायड मोबाइल न होने से करीब एक चौथाई छात्राएं पढ़ाई से दूर हैं। डीसी विवेक कुमार बताते हैं कि जिले के सभी 10 बॉ विद्यालयों में छात्राओं के पढ़ाई के लिए आनलाइन व्यवस्था की गई है। इसके लिए स्टाफ विद्यालय पहुंच कर स्टडी मैटेरियल उपलब्ध करा रहे हैं।