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Sunday, 20 September 2020

69,000 शिक्षक भर्ती में से शिक्षामित्रों के पदों को छोड़कर शेष पदों पर होगी भर्ती, ऊपर से नीचे के क्रम की।मेरिट अनुसार दी जाएगी नियुक्ति

69,000 शिक्षक भर्ती में से शिक्षा मित्रों के पदों को छोड़कर बाकी पदों पर होगी भर्ती, मेरिट में ऊपर से नीचे के क्रम में दी जाएगी नियुक्ति


69 हजार में से शिक्षामित्रों के लिए रोके गए 38 हजार पद, सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए ज्यादा कटऑफ के खिलाफ हैं शिक्षा मित्र

 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग में 31,661 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया है। सीएम ने शनिवार को यह निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को नौकरी और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है। ये 31,661 पद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 69 हजार सहायक शिक्षकों में शिक्षा मित्रों के पदों को छोड़कर हैं।


69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा पिछले वर्ष 6 जनवरी को आयोजित की गई थी। अगले दिन 7 जनवरी को विभाग ने सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतितशत (150 में से 97 अंक) और एससी, एसटी एवं ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत (150 में से 90 अंक) कटऑफ निर्धारित किया। कटऑफ को लेकर शिक्षा मित्र हाईकोर्ट पहुंचे। उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने शिक्षा मित्रों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 68,500 शिक्षकों की भर्ती के लिए निर्धारित कटऑफ के अनुसार परिणाम जारी करने का आदेश दिया। उक्त भर्ती में सामान्य के लिए कटऑफ 45 फीसदी, एससी, एसटी और ओबीसी के लिए 40 प्रतिशत था। प्रदेश सरकार ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ दो न्यायाधीशों वाली खंडपीठ में अपील दायर की। सवा साल तक चली सुनवाई के बाद खंडपीठ ने 6 मई, 2020 को सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार की ओर से निर्धारित 65 और 60 प्रतिशत कटऑफ को सही ठहराया।


हाईकोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने 12 मई को परिणाम जारी कर दिया। इनमें 69 हजार पदों पर एक लाख 46 हजार 60 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। विभाग ने एक जून को 67,867 अभ्यर्थियों की मेरिट जारी की। बेसिक शिक्षा परिषद ने 3 जून से काउंसलिंग शुरू कर दी। प्रश्नों पर आपत्तियों के चलते काउंसलिंग के पहले दिन ही उच्च न्यायालय ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। रामशरण मौर्य समेत कई अभ्यर्थियों ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों द्वारा धारित सहायक अध्यापकों के पदों को छोड़कर शेष पदों पर भर्ती करने की मंजूरी दी। सीएम ने इसी आदेश के तहत 31,661 पदों पर नियुक्ति के आदेश दिए हैं।


मेरिट में ऊपर से नीचे के क्रम में दी जाएगी नियुक्ति
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने बताया कि 67,867 अभ्यर्थियों की मेरिट में से सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी की मेरिट में ऊपर से नीचे के क्रम में 31661 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी। एसटी वर्ग के योग्य अभ्यर्थी न मिलने पर इस वर्ग की 1133 सीटें खाली रह गई थीं।


बदले कटऑफ में 8018 शिक्षा मित्र ही उत्तीर्ण हुए
सरकार द्वारा निर्धारित 60 व 65 फीसदी कटऑफ के आधार पर 8018 शिक्षा मित्र ही उत्तीर्ण हुए थे। शिक्षा मित्रों ने अपील में कहा था कि अगर कटऑफ 40 और 45 प्रतिशत होती तो 37 हजार से अधिक शिक्षा मित्र चयनित होते।

ओबीसी आयोग ने लगा रखी है रोक
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती पर राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने रोक लगा रखी है। ओबीसी अभ्यर्थियों ने पिछड़ा वर्ग को नियमानुसार आरक्षण का लाभ नहीं देने का आरोप लगाते हुए आयोग में याचिका दायर की थी। आयोग के नोटिस का जवाब न देने से नाराज आयोग के उपाध्यक्ष लोकेश प्रजापति ने 7 जुलाई को भर्ती पर रोक लगाने का आदेश दिए थे।



 
 यूपी सरकार ने युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार दिलाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वह हफ्ते भर में सहायक अध्यापकों के 31,661 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कुल 69 हजार पदों में से करीब 38 हजार पद शिक्षामित्रों के लिए रोके गए हैं। फिलहाल सीएम के निर्देश मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।


बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूलों व उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती के लिए इंतजार कर रहे युवाओं को इस फैसले से काफी राहत मिली है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 69 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए छह जनवरी, 2019 को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन किया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 65 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग व अन्य आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसद अंक निर्धारित किए थे। इसे लेकर अभ्यर्थी कोर्ट चले गए, खासकर शिक्षामित्रों ने विरोध किया था। बीती 21 मई को सुप्रीम कोर्ट ने इन 69 हजार पदों में से करीब 38 हजार शिक्षामित्रों के लिए छोड़कर बाकी पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए थे। ज्यादा कटऑफ के विरोध में वे सुप्रीम कोर्ट चले गए। कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया है।