69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से मानसिक तनाव में कम मेरिट वाले अभ्यर्थी - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

Breaking

Saturday, 26 September 2020

69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से मानसिक तनाव में कम मेरिट वाले अभ्यर्थी

🔥69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 🔥
👉 3 जून को सरकार ने काउंसलिंग को रोका तो आर्डर में लिखा था ,69000 भर्ती प्रक्रिया को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया जाता है।
👉 जब 24 सितंबर को काउंसलिंग का आदेश दिया ,तो उसमें 31661 का आदेश जारी किया है, 37339 को क्यों नहीं।

👉 सरकार ने जियो में दिया है ,31661 की नियुक्ति कोर्ट के अधीन रहेगी। जब 31661 कोर्ट के अधीन हो सकती है,तो पूरी प्रक्रिया 67867 कोर्ट के अधीन क्यों नहीं।
👉 सरकार ने जियो में स्पष्ट दिया है 37339 पद शिक्षामित्रों के लिये छोडते हुए।,37339 चयनित अभ्यर्थियों का कहीं जिक्र नहीं। आप कोर्ट का आर्डर समझ सकते है ,क्या होगा।
👉 प्रत्येक जिलों से केटेगरी वाइज 45.88 %अभ्यर्थियों को सोर्ट लिस्ट किया जाऐगा। सबसे ज्यादा नुकसान कम मेरिट अभ्यार्थियों का।
👉 जियो में दिया है ,कि लखनऊ और इलाहाबाद हाईकोर्ट में केबिऐट दाखिल करेंगें ,जिससे अभ्यर्थी अपने न्याय की गुहार न लगा सके।मतलब हाथ पैर बाँधकर किसी को मारना।
👉37339  चयनित अभ्यर्थी अपनी बात माननीय मुख्यमंत्री जी/ बेशिक शिक्षा विभाग के अधिकारी /SCERT के समक्ष रखें ,कि उनका क्या भविष्य है।उनकों नियुक्ति कब मिलेगी।
👉ऐ भर्ती केवल शिक्षामित्रों के लिये नहीं है,किसी एक विशेष वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये 37339 पदों को कैसे छोड़ा जा सकता है।
👉आपका भविष्य आपके 👋हाथ
आपने संघर्ष🏃‍♀️🏃‍♂️ किया है ,यूपी टेट ,बेशिक शिक्षक परीक्षा को पास किया है, मेरिट के आधार पर चयन सूची में नाम दर्ज किया है।
अपने अधिकार के लिये आवाज✊ उठाऐ।
👉चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दो।
👉मानसिक तनाव से मुक्ति दो।
🚩31661+37339 =69000
67867✊✊✊....✍️
याद कीजिए 68500 की कहानी उस समय 6000 प्रतियोगी बाहर हो गये थे। सभी 6000लोग लखनऊ में डटे रहे लाठी चार्ज, पानी की बौछारों के बीच भी जमे रहें। और इसका नतीजा आप के सामने है उसी दिन शाम को नियुक्त की घोषणा कर दी गयी। कहने का अभिप्राय यह है कि एक बार 31661 लोग नियुक्ति पा जायें फिर हम तो 37000है सब लखनऊ में आ गये तो नींव हिल जायेगी। और हाँ आर्डर चाहे जो आये। सीटों की कमी नहीं है ऐसा सुप्रीम कोर्ट में भाटी मैडम बोल चुकी है। शर्त सिर्फ इतनी है अब जो भी बचें है एक रहें, संगठित रहें।