जल्द ही प्राथमिक स्कूल के बच्चे दूरदर्शन के माध्यम से करेंगे पढ़ाई, प्रदेश भर के 65 शिक्षकों की टीम तैयार कर रही वीडियो, लेक्चर - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Tuesday, 8 September 2020

जल्द ही प्राथमिक स्कूल के बच्चे दूरदर्शन के माध्यम से करेंगे पढ़ाई, प्रदेश भर के 65 शिक्षकों की टीम तैयार कर रही वीडियो, लेक्चर

जल्द ही प्राथमिक स्कूल के बच्चे दूरदर्शन के माध्यम से करेंगे पढ़ाई, प्रदेश भर के 65 शिक्षकों की टीम तैयार कर रही वीडियो, लेक्चर

स्कूल बंद होने के बाद से शिक्षा विभाग ने कक्षाओं को ऑनलाइन किया और बच्चों को घर रहकर पढ़ाने के लिए ऑडियो, वीडियो बनाए। ऑनलाइन कक्षा संचालित करने के लिए दीक्षा ऐप और वाट्सएप का भी सहारा लिया है। इस बीच सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह थी कि हर घर में बच्चों को पढ़ाने के लिए अलग से मोबाइल उपलब्ध नहीं था और इंटरनेट की सेवा भी बाधित होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8वीं तक के पाठ्यक्रम को दूरदर्शन पर प्रसारित करने की योजना बनाई है, जिससे कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाए और लाखों बच्चों को लाभ मिल सके। गौरतलब है कि अबतक यह व्यवस्था माध्यमिक के बच्चों के

लिए शुरू हुई थी। 15 सितार के बाद दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर प्रसारित होंगे वीडियो लेक्चर : शिक्षा

विभाग ने ई-पाठशाला कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए डिजिटल योजना की शुरुआत की है। इसमें कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी,
गणित, विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन और सामाजिक विषयों की पढ़ाई कराने के लिए प्रदेश भर से 65 शिक्षक वीडियो लेक्चर तैयार कर रहे हैं। इसमें बच्चों के लिए रोजाना सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक 30-30 मिनट की कक्षाएं चलेंगी। कक्षाओं की समय सारिणी स्कूलों से साझा की जाएगी। इस योजना के पहले चरण में शिक्षा विभाग द्वारा एकेटीयू की लखनऊ और नोएडा स्थित वीडियो लैब में 400 घंटे का पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। 13 अगस्त से रिकॉर्डिंग शुरू की गई थी, जिसमें 80 पुस्तकों से 40 घंटे की पाठ्यक्रम सामग्री तैयार हो चुकी है। 15 सितंबर के बाद दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के स्लॉट में इसे शामिल किया जाएगा और बच्चे घर बैठे टीवी से पढ़ाई कर सकेंगे। ई-पाठशाला की निगरानी कर रहे गुणवत्ता प्रकोष्ठ के सलाहकार पीएम अंसारी और शुभ्रांशु कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय (गुणवत्ता विषय विशेषज्ञ सुरेश कुमार सोनी, जय प्रकाश ओझा, डॉ अवनीश यादव, पवन श्रीवास्तव और अजय कुमार को शामिल किया है। ये सभी टीचिंग प्लान से लेकर स्क्रिप्ट और पीपीटी (पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन) तैयार कराने और अवलोकन में सहायता कर रहे हैं।