प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 3900 पद रिक्त होने के बावजूद शिक्षक भर्ती फंसी - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Saturday, 26 September 2020

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 3900 पद रिक्त होने के बावजूद शिक्षक भर्ती फंसी

एक तरफ  मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किए हैं कि भर्ती प्रक्रिया छह माह में पूरी कराकर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं,ख्वहीं दूसरी ओर काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के 273 पदों चयन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जा सका। वहीं, क्षैतिक आरक्षण के फेर में असिस्टेंट प्रोफेसर के 3900 पदोंभ्भर्ती भी फंसी हुई है।


ये सभी भर्तियां प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में होनी हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के अभ्यर्थी कह रहे हैं कि अगर नियुक्ति पत्र समय से नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे। वहीं, उच्च शिक्षा सहयोग संघ के बैनर तले प्रतियोगी छात्रों ने शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन कर असिस्टेंट प्रोफेसर के 3900 पदों पर शीघ्र भर्ती र्शुरू किए जाने की मांग की।
कुछ हफ्तों पहले उच्च शिक्षा निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 1303  पदों पर भर्ती के लिए उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को अधियाचन भेजा था। आयोग ने भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया और निदेशालय से कहा कि क्षैतिज आरक्षण का निर्धारण करने के बाद दोबारा अधियाचन भेजा जाए। निदेशालय ने फाइल शासन को भेज दी और फाइल शासन में ही अटकी हुई है। शुक्रवार को उच्च शिक्षा सहयोग संघ के अध्यक्ष जीएन शाक्या के नेतृत्व में प्रतियोगी छात्रों ने निदेशालय में प्रदर्शन कर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि इस मामले में जल्द ही कोई निर्णय नहीं हुआ तो 28 सितंबर से निदेशालय में बेमियादी धरना शुरू कर देंगे।
उधर, असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के चयनित 273 अभ्यर्थी विज्ञापन संख्या 47 के तहत चार साल से नियुक्ति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस भर्ती का विज्ञापन जुलाई-2016 में जारी किया गया था। उच्च शिक्षा निदेशालय ने अगस्त-2020 में चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी करा ली और 31 अगस्त को नियुक्ति पत्र जारी होना था, लेकिन इससे पहले ही तकनीकी अड़चन आ जाने से अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र फंस गया।

इस मामले में भी निदेशालय ने शासन को फाइल भेजकर वहां से दिशा-निर्देश मांगे हैं। भर्ती की फाइल शासन में ही अटकी हुई है। काउंसलिंग को एक माह पूरे होने जा रहे हैं और अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र के लिए भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन संख्या 47 के तहत 33 विषयों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है, लेकिन समाजशास्त्र के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने में हीलाहवाली की जारही है। अगर यही हालत रही तो अभ्यर्थी आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे