यूपी में ऑनलाइन क्लासेज किसके आदेश से, सीएम दफ्तर को पता नहीं:-आरटीआई से मांगा गया जवाब, अधिकारियों ने बनाया बहाना: नहीं मिली सूचना, ये मिला जवाब - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Sunday, 30 August 2020

यूपी में ऑनलाइन क्लासेज किसके आदेश से, सीएम दफ्तर को पता नहीं:-आरटीआई से मांगा गया जवाब, अधिकारियों ने बनाया बहाना: नहीं मिली सूचना, ये मिला जवाब


कोरोना काल में प्रदेश में ऑनलाइन क्लासेज किसके आदेश पर चल रही हैं यह मुख्यमंत्री कार्यालय को भी पता नहीं है।
हालांकि सुनने में यह बड़ा अजीब लग रहा है लेकिन यह सही है। क्योंकि इस मामले की हकीकत आरटीआई के माध्यम से उजागर हुई है। जहां सीएम कार्यालय में तैनात अधिकारियों ने कहा कि सूचना दिया जाना संभव नहीं है। सवाल उठता है कि क्या सीएम कार्यालय को
वास्तव में नहीं पता या कोई और बात है। मुरादाबाद जनपद के जीलाल
स्ट्रीट मंडी चौक निवासी पवन अग्रवाल आरटीआई एक्टिविस्ट है। इन्होंने 15 जून 2020 को आरटीआई के द्वारा सीएम कार्यालय से पूछा था कि 22 मार्च 2020 को देश में मां कोविड-19 महामारी के कारण देश में लॉक डाउन घोषित किया गया था। इस दौरान देश के राज्य, माध्यमिक, अंग्रेजी माध्यम, बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन क्लास संचालित करने के लिए जो आदेश जारी किया गया है उसकी सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध कराया जाए? लॉकडाउन के दौरान राजकीय माध्यमिक, अंग्रेजी माध्यम, बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज संचालित करने के लिए जो मानक एवं नियम बनाये उनकी सूचना दी जाए। क्लासेज संचालित करने हेतु जो सुविधायें मोबाइल, नेट आदि सरकार द्वारा स्कूल के माध्यमों से छात्र व छात्राओं को उपलब्ध कराई गई उसकी पूरी सूचना दी जाए। ऑनलाइन क्लासेज संचालित करने के लिए जो समय निर्धारित किया गया उसकी जानकारी के साथ ही नेट का प्रयोग करने से रेडियेशन का दुष्प्रभाव बच्चों को मानसिक एवं शारीरिक तौर पर पड़ रहा है यदि इसकी कोई गाइडलाइन बनी हो तो उसकी जानकारी दी जाए।
एक्टिविस्ट ने लगाया गुमराह करने का आरोप इस मामले में प्रथम सूचना अपीलीय अधिकारी के यहां पवन ने अपील करते

हुए कहा कि सूचना न देकर उनको गुमराह करने का प्रयास किया गया है। क्योंकि लॉक डाउन में कोई भी गाइडलाइन जारी हो रही थी तो वह मुख्यमंत्री कार्यालय से हो रही थी। जन सूचना अधिकारी ने स्वयं को सदोष लाभ पहुंचाने व उम्र कर्ता को सदोष हानि पहुंचाने की नियत से पत्राचार किया है। जबकि उनका दस रुपये का पोस्टल ऑर्डर भी रख लिया गया। जिससे यह स्पष्ट है कि शुल्क प्राप्त करने के उपरांत भी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई।

क्या कहते है मंत्री
जब लॉक डाउन हुआ था तो विभागीय स्तर पर अलग-अलग आदेश दिया गया था। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी कि लॉक डाउन में कैसे पठन-पाठन सुचारू रूप से चलेगा। इस मामले में पूरी तरह से गाइड लाइन जारी है कि किस क्लास के वों को कितने समय तक पढ़ाया जाएगा। समय-समय पर गाइड लाइन जारी होते रहते है। ये सम्बंधित विभागों से जारी होते है।

नहीं मिली सूचना, ये मिला जवाब
इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात जन सूचना व अनुभाग अधिकारी राम प्रकाश ने 26 जून 2020 को पवन को पत्र भेजकर बताया कि सूचना नियमावली, 2015 के नियम पांच के परन्तुक में दी गई व्यवस्थानुसार यदि किसी लोक प्राधिकार से मांगी गई सूचना अंशतः या पूर्णतया दो या दो से अधिक अन्य लोक प्राधिकरणों द्वारा धारित है, तो राज्य लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना के लिए किये अनुरोध को ऐसे अन्य लोक प्राणिकरणों को अन्तरित नहीं किया जाएमा, से आच्छादित होने के कारण सूचना दिया जाना संभव नहीं है।