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Monday, 24 August 2020

शिक्षक बनने की चाह ऐसे मिलेगी राहत:- हमारे देश में नर्सरी, प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के लिए शिक्षक नियुक्त किये जाते हैं..


भारतीय समाज में शिक्षक का श्रेष्ठ बताया गया है। कबीर ने तो इसे ईश्वर से भी अधिक सम्माननीय कहा है और इसके पीछे जो कारण नजर आता है वह शिक्षक का समाज और देश के प्रति कर्तव्य के लिए उनका समर्पण और त्याग है। शिक्षक समाज को नई दिशा देता है और लोगों को संगठित कर देश की एकता और अखंडता के महानतम कार्य में अपनी भागीदारी निभाता है और शायद इसीलिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने कहा था "शिक्षक एक मोमबत्ती के समान है, जो खुद जलकर दूसरों के लिए रोशनी पैदा करता है।" शिक्षक के इस महान पेशे के प्रति अगर आप आकर्षित हो रहे हो और यदि आप समाज में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए शिक्षक बनना चाहते हो, तो आपको शिक्षक बनने तक के सफर के बारे में इन
बातों पर अवश्य गौर करना होगा।


छठे वेतन आयोग द्वारा शिक्षकों के वेतन में सुधार किये गये हैं और अब आप शिक्षक बन न केवल एक ऐसी नौकरी को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे, जो प्रतिष्ठित है, बल्कि आपको और आपसे जुड़े परिवार को आर्थिक रूप से सुद्ढ भी करती है। 

शिक्षक बनने के लिए आवश्यक योग्यताएं : भारत में शिक्षकों को नर्सरी, प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के लिए नियुक्त किया जाता है। यह आपकी पढाई और रुचि पर निर्भर करता है कि आप नर्सरी (एनटीटी), प्राथमिक (पीआरटी), माध्यमिक (टीजीटी) या उच्च माध्यमिक (पीजीटी) में से क्या बनना चाहते हैं। नर्सरी और प्राथमिक शिक्षा के लिए कक्षा-12 के बाद रास्ता निकलता है। अगर आपको छोटे बच्चों (5 वर्ष से छोटे) से बेहद लगाव है, तो आपको एनटीटी करने
के बाद नौकरी मिल सकती है। पर सरकारी विद्यालयों में ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति नगण्य है और फिर आपको प्राइवेट स्कूलों की तरफ सोचना

पड़ेगा। प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) के लिए सबसे ज्यादा नौकरी उपलब्ध हैं, क्योंकि एक शिक्षक को यहां सभी विषय पढ़ाने का अवसर होता है। यदि आपने 12वीं की परीक्षा 50 प्रतिशत या अधिक अंकों से पास की है, तो इसके बाद आपको दो वर्षीय शिक्षक ट्रेनिंग कोर्स डी.एड या जेबीटी कोर्स करना आवश्यक है और इसके बाद सीबीएसई द्वारा आयोजित सीटेट परीक्षा पास करनी होगी, तब आप इसके योग्य बन पाएंगे। 2018 में एनसीटीई ने नियमों में संशोधन कर बीएड पास छात्रों को भी पीआरटी बनने का एक सुनहरा मौका दिया है, जिसमें बीएड पास उम्मीदवार को नौकरी मिलने के 2 वर्ष के अंदर एक 6 महीने का निर्णायक ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है। जहां तक वेतनमान की बात करें तो सरकारी विद्यालयों में 35,400 112400 रुपये तक के बेसिक पर आपको नौकरी मिलेगी। इसके लिए अधिकतम आयु 30वर्ष है। अगर आप कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं तो आपको संबंधित विषयों में 50 प्रतिशत अंक के साथ स्नातक, बीएड तथा सीटेट (6-8) उत्तीर्ण करना आवश्यक है। नवोदय जैसे विद्यालयों में स्नातक के अंतिम वर्ष के अंक नहीं, बल्कि प्रत्येक वर्ष ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंक लेकर उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अगर आप कक्षा 11 और 12 के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं, ती आपको जमकर अपने विषयों की तैयारी करनी होगी। इसके लिए आपको संबंधित विषयों में परास्नातक 50 प्रतिशत अंक के साथ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएड करना आवश्यक है। राहत की बात यह है कि आपको सीटीईटी (सीटेट) की परीक्षा पीजीटी के लिए पास करनी आवश्यक नहीं है। इसके लिए वेतनमान 47600151100 रुपये तथा आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गयी है।

ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर
एक टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक) पद के लिए वेतनमान 44900142400 रुपये तय किया गया है तथ अधिकतम आयु 35 वर्ष है। दिल्ली में महिला शिक्षकों के लिए आयु सीमा 40 वर्ष तय की गयी है।