अनामिका प्रकरण के बाद अब बेसिक शिक्षकों पर भी है पैनी नजर - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

Breaking

Thursday, 11 June 2020

अनामिका प्रकरण के बाद अब बेसिक शिक्षकों पर भी है पैनी नजर

अनामिका प्रकरण के बाद अब बेसिक शिक्षकों पर भी है पैनी नजर


कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद अब सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के फर्जी शिक्षक रडार पर हैं। पैन कार्ड व आधार कार्ड में परिवर्तन करवाने वाले शिक्षकों पर विभाग पैनी नजर रखे है। ऐसे शिक्षकों में भी खलबली है जो फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल कर नौकरी कर रहे हैं। हालांकि विभाग ऐसे 1701 शिक्षकों को बर्खास्त कर चुका है लेकिन माना जा रहा है कि यह संख्या बड़ी हो सकती है क्योंकि 2012 से 2016 के बीच जितनी भी भर्तियां हुईं उनमें दो प्रमाणपत्रों के सत्यापन पर ही वेतन जारी करने का आदेश था।



सत्यापन के बिना ही जारी हुआ वेतन : नियम यही है कि सरकारी कर्मचारी को वेतन तभी मिलता है जब उसके प्रमाणपत्र सत्यापित होते हैं लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस दौरान लगभग पौने दो लाख शिक्षकों की भर्ती हुई। चूंकि 2014 से शिक्षामित्रों का समायोजन भी शुरू हो गया था लिहाजा सत्यापन में बहुत समय लग रहा था। शिक्षामित्रों के दबाव में दो प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद वेतन जारी करने के आदेश हुए। इनमें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्रों का सत्यापन करवाया गया। हालांकि आदेश में साफ था कि बाकी प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी करवाया जाए लेकिन इसमें ढिलाई बरती गई।


12460 शिक्षक भर्ती में पकड़ी गई थी गड़बड़ी: 2018 में मथुरा में 12,460 शिक्षक भर्ती में एसटीएफ की जांच में फर्जी नियुक्तियों का खुलासा हुआ। इसके बाद कई जगह से *शिकायतें आईं। लिहाजा विभाग ने सभी जिलों की शिक्षक भर्ती की जांच का फैसला किया था।


जून 2018 में जिलों में अपर जिला मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक व सहायक मण्डलीय शिक्षा निदेशक-बेसिक की तीन सदस्यीय कमेटी बनी। जांच के बिन्दु भी शासन से तय हुए लेकिन ये पूरी नहीं हुई।


लखनऊ में दस्तावेजों का 15 जून सत्यापन होगा: लखनऊ शहर के कस्तूरबा विद्यालय में ‘अनामिका' की जांच के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने टीम बनाई है। यह कस्तूरबा विद्यालयों की शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच करेगी। 15 से 18 जून तक दस्तावेजों के सत्यापन का काम किया जाएगा।


प्रमाणपत्रों की जांच में आई तेजी
लखनऊ। अनामिका शुक्ला प्रकरण में सभी जिलों में प्रमाणपत्रों की जांच शुरू हो गई है। इसकी मॉनिटरिंग प्रतिदिन सर्व शिक्षा अभियान कर रहा है। शिक्षकों से उनके मूल अभिलेख मंगाए जा रहे हैं। जो शिक्षक इसमें सहयोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ, गोण्डा में मिली अनामिका शुक्ला के प्रमाणपत्रों का मिलान फर्जी तौर पर नियुक्त शिक्षिकाओं के प्रमाणपत्रों से करवाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, तीन जिलों में उसी अनामिका शुक्ला के प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल हुआ था जिसने गोण्डा में शपथपत्र दाखिल किया है। बाकी जिलों में भी मिलान किया जा रहा है। वहीं मूल अनामिका शुक्ला की इसमें संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी जांच हो रही है। प्रमाणपत्रों की जांच करवाने जो अध्यापक नहीं जाएंगे, वे शिक्षक राडार पर होंगे और उनके खिलाफ पूरी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।