69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल की संपत्ति की होगी जांच - PRIMARY KA MASTER | Update Marts | Primary Teacher | Basic Shiksha News

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Tuesday, 16 June 2020

69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल की संपत्ति की होगी जांच

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती में अनुदेशकों को शिक्षामित्रों के बराबर 2.5 अंक प्रति वर्ष न दिये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अनुदेशकों की तरफ से याचिका दाखिल की गयी है। प्रतापगढ़ के याची अनूप कुमार की ओर से अधिवक्ता उदय नारायण खरे, बासुदेव निषाद व गोपाल जी खरे ने अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने याचिका को स्वीकार करते हुये सरकार से इस संबंध में जवाब तलब कर लिया है और सात जुलाई को सुनवाई की तारीख तय की है।

मामले में आदेश का प्रभाव प्रदेश के लगभग 31000 अनुदेशक पर पड़ेगा। ये अनुदेशकों की तरफ से इस तरह की पहली रिट है। 69000 शिक्षक भर्ती में आवेदन करने वाले अनुदेशक सात साल से कम मानदेय पर शिक्षक का कार्य कर रहे हैं और सभी लोगों ने यूपी टीईटी या सीटेट और भर्ती की लिखित परीक्षा पास की हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि ये भी शिक्षण कार्य के अलावा अन्य सभी विभागीय कार्य जैसे चुनाव ड्यूटी, मतगणना, परीक्षा ड्यूटी आदि सभी कार्य बड़ी निष्ठा से करते हैं और स्कूल में पूरे समय कार्य करते हैं।

अधिवक्ताओं ने कहा कि लिखित पास शिक्षामित्रों को 2.5 अंक प्रति वर्ष भारांक दिया जा रहा है। वहीं अनुदेशकों को भारांक न देकर सरकार अनुदेशकों को अलग नजरिये से देख रही है। यह संविधान में वíणत आर्टकिल 14 का खंडन है। इस पर कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

अब अनुदेशकों ने शिक्षामित्रों के बराबर मांगा भारांक

जासं, प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल की संपत्ति भी एसटीएफ के निशाने पर आ गई है। एसटीएफ के अधिकारी विवेचना के साथ यह भी पता लगा रहे हैं कि सरगना के पास कहां-कहां और कितनी चल व अचल संपत्ति है। आर्थिक स्रोत व बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उस पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।

बहरिया थाना क्षेत्र के कपसा गांव निवासी डॉ. केएल पटेल ने वर्ष 2006 के आसपास सैफई मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया फिर उसे सरकारी नौकरी मिली। इसके बाद उसने फूलपुर में आइटीआइ कॉलेज बनवाया। फिर फार्मेसी व कई अन्य कॉलेज । गंगापार से लेकर शहर तक में उसके नाम कई जमीन और मकान है। 10 साल पहले उसके पास महज दो बीघा जमीन थी। पुलिस को जांच में भी इस तरह की जानकारी मिली थी। हिरासत में लिए जाने पर उसकी निशानदेही पर कॉलेज परिसर में जमीन खोदकर 14 लाख रुपये बरामद किए गए थे। यह पैसा सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों से लिए जाने की बात कही गई थी। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में सरगना ने बताया था कि नानी की मौत के बाद उसे ननिहाल से करीब 30 से 40 लाख रुपये मिले थे। इस आधार पर अब उसके और उसके घरवालों के नाम जो भी संपत्ति है, उसका ब्यौरा जुटाया जा रहा है। अफसरों का मानना है कि एक डॉक्टर होने के नाते वह वेतन से इतनी संपत्ति नहीं जुटा सकता है। लिहाजा सारे पहलुओं पर तफ्तीश चल रही है।

स्कूल प्रबंधक समेत अन्य पर घोषित होगा इनाम : सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा के मामले में फरार चल रहे स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव व दुर्गेश पटेल, संदीप समेत अन्य पर इनाम घोषित करने की भी तैयारी चल रही है। एसटीएफ की टीम इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इन सभी पर इनाम घोषित करने की तैयारी शुरू हो गई है। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि अगर जल्द गिरफ्तारी न हुई तो इनाम घोषित किया जाएगा।

जासं, प्रयागराज : सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में फरार चल रहे अभियुक्तों की तलाश में स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार को प्रतापगढ़ जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई संदिग्धों को उठाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ कई आरोपितों के सेल फोन की लोकेशन भी ट्रेस कर रही है, ताकि उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोपित धूमनगंज इलाके के एक स्कूल का प्रबंधक चंद्रमा यादव, प्रतापगढ़ का दुर्गेश पटेल, संदीप और भदोही जिले के मायापति समेत कई शख्स अभी एसटीएफ की पकड़ से दूर हैं। एसटीएफ की टीम इनकी गिरफ्तारी के लिए तीन दिनों से छापेमारी कर रही है, लेकिन कोई भी वांछित अभियुक्त गिरफ्त में नहीं आ रहा है। सोमवार को एसटीएफ को यह पता चला कि दुर्गेश अपने कुछ साथियों के साथ प्रतापगढ़ में मौजूद है। इस पर एसटीएफ ने वहां छापेमारी की, लेकिन इससे पहले ही वह फरार हो गया। तब दूसरे संदिग्ध स्थानों पर दबिश देते हुए कई युवकों को पकड़ लिया गया।

तीन लाख में बेचे गए थे पेपर

जासं, भदोही : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2019 में हुए फर्जीवाड़े में जिले के भी कथित टॉपर इस वक्त स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के रडार पर हैं। भदोही जिले में 350 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। लिखित परीक्षा में 30 अभ्यर्थी ऐसे हैं जो 110 से 120 अंक प्राप्त किए हैं। परीक्षा के दो दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के मोबाइल फोन पर पंहुच गए थे। मामला पकड़ में न आये, इसलिए अभ्यर्थियों ने रिलायंस कंपनी जियो के नए मोबाइल नंबर आवंटित कराए थे। इसी नंबर को एक्टिवेट कर वाट्सएप चलाया। इसी वाट्सएप नंबर पर दो से तीन लाख रुपये लेकर पेपर भेजा गया। परीक्षा संपन्न होते ही इस सिम को बंद कर दिया गया। औराई, ज्ञानपुर क्षेत्र में ऐसे भी परीक्षार्थी सहायक परीक्षा में टॉपर बन गए जो तीन परीक्षाओं में फेल हो चुके थे।


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